Entrepreneurship Development

उद्यमिता विकास कार्यक्रम (Entrepreneurship Development Program – EDP)

परियोजना का नाम:

उद्यमिता विकास एवं स्वरोजगार प्रोत्साहन योजना

उद्देश्य

  1. युवाओं और महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना व्यवसायिक एवं प्रबंधन कौशल विकसित करना
  2. स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करना
  3. बेरोजगारी को कम करना
  4. लाभार्थी
  5. बेरोजगार युवा (18–40 वर्ष)
  6. आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं
  7. छोटे व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति
  8. ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्र के लोग

प्रशिक्षण अवधि:

  1. 1 से 3 महीने (शॉर्ट टर्म)
  2. 6 महीने (एडवांस कोर्स )

प्रशिक्षण मॉड्यूल (Training Modules):

  1. उद्यमिता की मूल बातें
  • उद्यमिता क्या है
  • व्यवसाय के प्रकार
  1. व्यवसायिक आइडिया विकास
  • स्थानीय स्तर पर बिजनेस अवसर पहचान
  • बाजार की मांग का विश्लेषण
  1. बिजनेस प्लान बनाना
  • बिजनेस प्लान कैसे तैयार करें
  • लागत एवं मूल्य निर्धारण
  1. वित्तीय साक्षरता
  • बेसिक अकाउंटिंग
  • लाभ-हानि समझना
  • लोन एवं सरकारी योजनाएं (मुद्रा लोन आदि)
  1. मार्केटिंग एवं बिक्री
  • ऑफलाइन एवं ऑनलाइन मार्केटिंग
  • ग्राहक से व्यवहार
  1. डिजिटल स्किल्स
  • सोशल मीडिया मार्केटिंग
  1. कानूनी प्रक्रिया
  • बिजनेस रजिस्ट्रेशन
  • GST, Udyam Registration, बैंक अकाउंट
  1. प्रैक्टिकल एक्सपोजर
  • केस स्टडी
  • सफल उद्यमियों से बातचीत

प्रशिक्षण व्यवस्था:

  • स्थान: पंचायत / ब्लॉक / जिला स्तर
  • बैच साइज: 30 प्रतिभागी
  • मोड: ऑफलाइन

सरकारी योजनाओं से जुड़ाव:

  • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
  • मुद्रा लोन योजना
  • स्किल इंडिया मिशन
  • नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें ”आइडिया से आत्मनिर्भरता तक”